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डेढ़ माह बाद फिर गूंजीं स्कूलों की घंटियां, बच्चों की चहक से महके परिसर - ग्रीष्मावकाश के बाद नए शैक्षणिक सत्र का आगाज -पुराने दोस्तों और शिक्षकों से मिलते ही खिल उठे चेहरे
By Lokjeewan Daily - 29-06-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। करीब डेढ़ माह के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सोमवार से जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की नियमित शुरुआत हो गई। लंबे अंतराल के बाद स्कूलों में एक बार फिर बच्चों की चहल-पहल, हंसी-ठिठोली और प्रार्थना की मधुर स्वर लहरियों से परिसर जीवंत हो उठे। सुबह से ही विद्यालयों के बाहर विद्यार्थियों और अभिभावकों की आवाजाही दिखाई दी। कोई नई यूनिफॉर्म पहनकर तो कोई नए स्कूल बैग और किताबों के साथ उत्साहपूर्वक विद्यालय पहुंचा। पहले ही दिन स्कूलों में बच्चों के चेहरों पर नई कक्षा में प्रवेश का उत्साह और पुराने मित्रों से मिलने की खुशी साफ झलक रही थी। विद्यालयों में शिक्षकों ने विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें नए सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रार्थना सभा के दौरान अनुशासन, नियमित अध्ययन, स्वच्छता और समय की महत्ता पर प्रेरक संदेश दिए गए। कई विद्यालयों में तिलक लगाकर, पुष्पवर्षा कर तथा मिठाई वितरित कर विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। वहीं कुछ स्कूलों में पौधरोपण, परिचय सत्र, प्रेरक गतिविधियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नए सत्र का शुभारंभ किया गया। लंबी छुट्टियों के बाद विद्यालय पहुंचे विद्यार्थियों के बीच छुट्टियों के अनुभव चर्चा का प्रमुख विषय रहे। किसी ने पारिवारिक पर्यटन की यादें साझा कीं तो किसी ने समर कैंप में सीखी गई नई गतिविधियों के बारे में बताया। कई बच्चों ने खेलकूद, चित्रकला, संगीत, कंप्यूटर, योग और अन्य रचनात्मक प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने के अनुभव अपने साथियों से साझा किए। वहीं अनेक विद्यार्थियों ने धार्मिक और पर्यटन स्थलों की यात्राओं के संस्मरण सुनाए। विद्यालय परिसर में पूरे दिन बच्चों के बीच उत्साह और उल्लास का वातावरण बना रहा। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार विद्यालय प्रशासन ने पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। कक्षाओं की साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत, पंखे, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं को व्यवस्थित किया गया। शिक्षकों ने पहले दिन पढ़ाई का अधिक दबाव नहीं बनाते हुए विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित किया, ताकि वे सहज वातावरण में दोबारा अध्ययन की मुख्यधारा से जुड़ सकें। नए विद्यार्थियों का परिचय कराया गया और कक्षाओं के संचालन संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई। अभिभावकों ने भी बच्चों को नई यूनिफॉर्म, किताबें, कॉपियां, स्कूल बैग और अन्य आवश्यक सामग्री के साथ विद्यालय भेजा। स्कूल खुलने से शहर के पुस्तक विक्रेताओं, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी और परिवहन सेवाओं में भी एक बार फिर रौनक लौट आई। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि नए सत्र की यह शुरुआत विद्यार्थियों में नई ऊर्जा, नए संकल्प और बेहतर शैक्षणिक उपलब्धियों की दिशा में सकारात्मक माहौल तैयार करेगी। आने वाले दिनों में नियमित शिक्षण गतिविधियों के साथ विद्यालयों में सह-शैक्षणिक कार्यक्रमों का दौर भी गति पकडऩे लगेगा।

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