मुख्य सामग्री पर जाएं

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

लोकजीवन दैनिक
ई-पेपर
ब्रेकिंग
  • राजस्थान हाउसिंग बोर्ड (RHB) प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों-जयपुर, भिवाड़ी और अजमेर के किशनगढ़ में शनिवार को नई आवासीय योजनाएं लॉन्च करेगा।
  • पूर्व मंत्री महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत
  • केंद्र सरकार इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुला सकती है।
  • कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दीपके तिरंगा रैली में शामिल होने सेंट्रल पार्क जा रहे थे।
भीलवाड़ा

सुवाणा में मां का फर्जी नामांकन और गुमशुदगी का आरोप लगा पानी की टंकी पर चढ़ा युवक

-  अलोल देवी के नाम से फर्जी नामांकन दाखिल करने का आरोप  -  पुलिस ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद नीचे उतार लिया हिरासत में

ल

लोकजीवन संवाददाता

23 अक्टूबर 2026, 01:43 PM 2 मिनट में पढ़ें

सुवाणा में मां का फर्जी नामांकन और गुमशुदगी का आरोप लगा पानी की टंकी पर चढ़ा युवक

भीलवाड़ा LOKJEEWAN।  जिले के सुवाणा क्षेत्र में पंचायत राज चुनाव के माहौल के बीच शुक्रवार  को उस समय भारी सनसनी फैल गई, जब एक युवक प्रशासनिक व्यवस्थाओं के खिलाफ विरोध जताते हुए अस्पताल के पास स्थित सरकारी पानी की टंकी पर जा चढ़ा। युवक ने टंकी से कूदकर आत्महत्या करने की धमकी दी, जिससे प्रशासनिक अमले और पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। दरअसल, सुवाणा ग्राम पंचायत में सरपंच के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है।  प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, सुवाणा पंचायत क्षेत्र से सरपंच पद के लिए अलोल देवी जाट  के नाम से एक महिला का नामांकन भरा गया है। वहीं, गांव में ही इसी नाम की एक अन्य विधवा महिला  अलोल देवी  भी रहती हैं, जिनके दो बेटे हैं। टंकी पर चढऩे वाले युवक रामप्रसाद का आरोप है कि उसकी माता अलोल देवी को घर से गायब कर दिया गया है और उनकी बिना जानकारी के किसी अन्य व्यक्ति द्वारा जबरन फर्जी नामांकन दाखिल करवा दिया गया है।
परिवार और प्रशासन की इस कथित अनदेखी तथा मिलीभगत से क्षुब्ध होकर छोटा बेटा रामप्रसाद  अचानक से पानी की टंकी पर जा चढ़ा। उसकी मांग थी कि उसकी मां को तुरंत सामने लाया जाए, अन्यथा वह आत्महत्या कर लेगा। इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और पूरा गांव घटनास्थल पर इक_ा हो गया।

पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी से टला हादसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए टंकी के चारों ओर घेराबंदी की गई। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए युवक से लगातार समझाइश की। लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नामांकन प्रक्रिया में असल गड़बड़ी कहां और कैसे हुई है।

यह खबर अपने दोस्तों के साथ साझा करें

और भी भीलवाड़ा की खबरें

और देखें