मुख्य सामग्री पर जाएं

गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

लोकजीवन दैनिक
ई-पेपर
ब्रेकिंग
  • राजस्थान की 3626 पंचायतों में आज पंच और सरपंच के लिए नामांकन हो रहे हैं। कल सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी।
  • बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अब तक 5 लोगों की मौत
  • देश में कैंसर की 543 दवा ब्रांडों और पैक की कीमतों में बदलाव ,राष्ट्रीय नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) के फैसले के बाद 397 यानी 73% दवाओं के दाम घटाए ।
भीलवाड़ा

स्वर्णकार समाज ने की चैन स्नेचिंग मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

- ज्वैलर्स से अवैध वसूली पर जताई नाराजगी -जिला पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन

ल

लोकजीवन संवाददाता

29 अक्टूबर 2026, 01:59 PM 3 मिनट में पढ़ें

स्वर्णकार समाज ने की चैन स्नेचिंग मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

 भीलवाड़ा लोकजीवन न्यूज। स्वर्णकार समाज आरक्षण संघर्ष समिति ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक को दो अलग-अलग मामलों को लेकर ज्ञापन सौंपा। समिति ने सुभाषनगर थाना क्षेत्र में महिला के साथ हुई चैन स्नेचिंग की वारदात में नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने और थानों में पुराने आभूषणों की खरीद-फरोख्त के मामलों में सुनार दुकानदारों को अवैध रूप से हिरासत में लेने पर गहरा रोष व्यक्त किया है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट सीताराम सोनी व प्रवक्ता डॉ. अवधेश जौहरी ने बताया कि गत 15 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे सुभाषनगर थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर स्वर्णकार समाज की एक महिला के साथ बदमाशों ने क्रुरतापूर्वक चैन स्नेचिंग की और जानलेवा हमला कर नीचे गिरा दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। गंभीर हालत के चलते उन्हें अहमदाबाद (गुजरात) रैफर करना पड़ा, जहां उनका इलाज आज भी जारी है। घटना के संबंध में सुभाषनगर थाने में 16 अगस्त 2026 को बीएनएस की धारा 304(2) के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान एएसआई रामप्रसाद मीणा को सौंपा गया, लेकिन पुलिस ने अभी तक आरोपियों को डिटेन नहीं किया है। स्थिति यहां तक आ गई है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस इस मामले में एफआर  लगाने का प्रयास कर रही है, जो पीडि़त परिवार के साथ सरासर अन्याय है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 7 दिवस में दोनों नकाबपोश लुटेरों को डिटेन कर शत-प्रतिशत आभूषण बरामद नहीं किए गए और मामले में धाराएं नहीं जोड़ी गईं, तो समाज पूरे जिले में उग्र आंदोलन और चक्काजाम करेगा। दूसरे मामले में ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि जिले के विभिन्न थानों में पुराने आभूषण खरीद-फरोख्त के मामलों में स्वर्णकार दुकानदारों को अनावश्यक रूप से डिटेन कर अवैध हिरासत में लिया जाता है और रिकवरी के लिए दबाव बनाया जाता है। पुलिस चोरों के बयानों के आधार पर बिना किसी प्रारंभिक जांच के सीधे स्वर्णकार पर हावी हो जाती है, जबकि सुनार पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत सौदा पर्ची, विक्रेता की आईडी और बाजार रेट से भुगतान कर आभूषण खरीदता है। समिति ने मांग की है कि पुलिस अधीक्षक सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित करें कि किसी भी स्वर्णकार को अवैध हिरासत में न लेकर मुख्य सूत्रधार से रिकवरी की जाए तथा कानून में आवश्यक संशोधन व कानूनी नोटिस की प्रक्रिया अपनाई जाए। इस दौरान विष्णु सोनी, रामकुमार सोनी, एडवोकेट ममता स्वर्णकार, एडवोकेट सरिता स्वर्णकार, देवीलाल सोनी सहित कई समाजजन उपस्थित रहे।

यह खबर अपने दोस्तों के साथ साझा करें

और भी भीलवाड़ा की खबरें

और देखें