मुख्य सामग्री पर जाएं

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

लोकजीवन दैनिक
ई-पेपर
ब्रेकिंग
  • जयपुर से दुबई के लिए आज से नई फ्लाइट शुरू:सप्ताह में 3 दिन मिलेगी सुविधा
  • बंगाल की खाड़ी में चक्रवात अर्नब तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह यनम के पास बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराने की आशंका है।
  • अभिषेक-सूर्यवंशी की वर्ल्ड रिकॉर्ड पार्टनरशिप से जीता भारत:199 रन का टारगेट 13.2 ओवर में हासिल किया, सीरीज भी जीती
राष्ट्रीय

बूंद-बूंद का हिसाब लेंगे...पंजाब के सीएम भगवंत मान ने राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ वसूलने की ठानी

मार्च में भी उठाया था मुद्दा, राजस्थान ने दिया था दोटूक जवाब

ल

लोकजीवन संवाददाता

28 अक्टूबर 2026, 11:49 AM 3 मिनट में पढ़ें

बूंद-बूंद का हिसाब लेंगे...पंजाब के सीएम भगवंत मान ने राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ वसूलने की ठानी

चंडीगढ़, राजस्थान और पंजाब के बीच नहरी पानी को लेकर एक बार फिर सियासी पारा चढ़ने के आसार हैं। पंजाब सरकार ने आजादी से पहले हुए समझौते का हवाला देते हुए राजस्थान से पानी के बदले 1.44 लाख करोड़ रुपए की रॉयल्टी मांगी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा के विशेष सत्र में यह मुद्दा उठाया, वहीं सिंचाई मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने रॉयल्टी की मांग से जुड़ा प्रस्ताव सदन में पेश किया। दूसरी तरफ, राजस्थान सरकार पहले ही इस मांग को खारिज कर चुकी है। ऐसे में पानी के पुराने समझौते को लेकर दोनों राज्यों के बीच टकराव बढ़ने के संकेत हैं।
मार्च में भी उठाया था मुद्दा, राजस्थान ने दिया था दोटूक जवाब

पंजाब सरकार इससे पहले भी 1.44 लाख करोड़ रुपए की रॉयल्टी का मुद्दा उठा चुकी है। इसी साल 19 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह मांग रखते हुए पानी रोकने की चेतावनी दी थी। इसके अगले दिन यानी 20 मार्च को राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने पंजाब सरकार की मांग को खारिज कर दिया था। राजस्थान सरकार ने साफ कहा था कि वह पंजाब को रॉयल्टी नहीं देगी। राज्य सरकार का तर्क था कि पानी पर किसी एक राज्य का रॉयल्टी या व्यावसायिक दावा करना संवैधानिक प्रावधानों और स्थापित कानूनी सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।
पंजाब बोला- मुफ्त पानी लेकर राजस्थान कर रहा कमाई
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में कहा कि राजस्थान वर्ष 1960 तक पानी की रॉयल्टी देता रहा है। अब पंजाब से पानी लेकर राजस्थान उसका इस्तेमाल कर रहा है और आगे आर्थिक लाभ भी उठा रहा है। मान ने इसे कारोबार से जोड़ते हुए कहा कि पंजाब से कच्चा माल मुफ्त लिया जा रहा है और उससे फायदा कमाया जा रहा है।
भगवंत मान ने दावा किया कि पंजाब का राजस्थान पर 1.44 लाख करोड़ रुपए की रॉयल्टी का हक बनता है। उन्होंने कहा कि पानी की एक-एक बूंद के लिए आवाज उठाई जाएगी। जरूरत पड़ी तो पंजाब सरकार अदालत से लेकर सड़क तक लड़ाई लड़ेगी।
1920 के समझौते का हवाला, बीकानेर रियासत के लिए तय हुआ था पानी
राजस्थान सरकार ने अपने पक्ष में वर्ष 1920 के समझौते का भी हवाला दिया था। यह समझौता ब्रिटिश सरकार, बहावलपुर रियासत और बीकानेर रियासत के बीच हुआ था। इसके तहत बीकानेर रियासत की करीब पांच लाख एकड़ जमीन के लिए पानी का आवंटन तय किया गया था। राजस्थान सरकार के मुताबिक, समझौते में पानी के बदले शुल्क ब्रिटिश सरकार को दिया जाना था, पंजाब प्रांत को नहीं। इसी आधार पर राजस्थान ने पंजाब की मौजूदा रॉयल्टी मांग को खारिज किया था।
चुनाव से पहले मुद्दा गरमाने के सियासी मायने
पंजाब में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पानी और रॉयल्टी का मुद्दा फिर उठने से इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। हालांकि, इस मुद्दे को उठाने के पीछे चुनावी रणनीति होने की बात फिलहाल राजनीतिक आकलन है। एक तरफ पंजाब सरकार पुराने समझौते और पानी के भुगतान का सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ राजस्थान सरकार रॉयल्टी देने से इनकार कर चुकी है। अब पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश होने के बाद दोनों राज्यों के बीच यह विवाद फिर चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों सरकारों का रुख अहम रहेगा।
 

यह खबर अपने दोस्तों के साथ साझा करें

और भी राष्ट्रीय की खबरें

और देखें