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भीलवाड़ा

चांद के दीदार से लेकर सोशल मीडिया सेल्फी तक बदला त्योहार का अंदाज

- समय के साथ करवा चौथ का बदल गया ट्रेंड -  परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम

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लोकजीवन संवाददाता

28 अक्टूबर 2026, 01:30 PM 3 मिनट में पढ़ें

चांद के दीदार से लेकर सोशल मीडिया सेल्फी तक बदला त्योहार का अंदाज

 भीलवाड़ा लोकजीवन न्यूज। भारतीय संस्कृति में करवा चौथ का त्योहार लंबे समय से प्रेम, विश्वास, समर्पण और दांपत्य जीवन की खुशहाली का प्रतीक रहा है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला यह पर्व अब केवल पारंपरिक पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रह गया है। बदलते समय के साथ करवा चौथ के रंग-ढंग में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. पारंपरिक वेशभूषा, सोलह शृंगार और चांद देखकर व्रत खोलने की रस्म के साथ अब आधुनिक फैशन, मेकअप, सोशल मीडिया, खास उपहार और यादगार डिनर भी इस त्योहार का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं।  त्योहार की मूल भावना आज भी वही है, लेकिन इसे मनाने का अंदाज नई पीढ़ी के साथ तेजी से बदल रहा है. करवा चौथ पर महिलाओं के लिए साड़ी, लहंगा और पारंपरिक आभूषणों का आकर्षण आज भी बरकरार है। हालांकि, इनके साथ आधुनिक डिजाइन, हल्के आभूषण, नए मेकअप ट्रेंड और अलग-अलग हेयर स्टाइल भी खूब पसंद किए जा रहे हैं. लाल रंग के पारंपरिक परिधानों के अलावा गुलाबी, मून, गोल्डेन और पेस्टल रंगों की पोशाकें भी त्योहार के फैशन में अपनी मजबूत जगह बना रही हैं।  बदलते दौर में महिलाएं अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार पारंपरिक तथा आधुनिक परिधानों का बेहतरीन मेल तैयार कर रही हैं. कोई पारंपरिक साड़ी के साथ आधुनिक ज्वेलरी पहनती है, तो कोई डिजाइनर सूट या लहंगे के साथ अपने लुक को खास बनाती है। मेहंदी, चूडिय़ांं, बिंदी और मांग में सिंदूर जैसे पारंपरिक शृंगार का महत्व आज भी पूरी तरह कायम है।
सास-बहु से लेकर सहेलियों तक, साथ मनाने का बढ़ा चलन

पहले करवा चौथ का आयोजन मुख्य रूप से परिवार और आसपास की महिलाओं के बीच पूजा-पाठ तक केंद्रित रहता था. लेकिन अब कई जगहों पर महिलाएं सामूहिक आयोजन, सहेलियों के साथ मिलन और पारिवारिक समारोहों के जरिए भी यह त्योहार मनाती हैं. ऐसे आयोजनों में पूजा की तैयारी, गीत-संगीत, मेहंदी और पारंपरिक रस्मों के साथ हंसी-मजाक और तस्वीरें खिंचवाने का दौर भी खूब देखने को मिलता है. सास-बहु, मां-बेटी और सहेलियों के बीच उपहारों का आदान-प्रदान भी इस पर्व को और अधिक खास बनाता है. हालांकि, हर परिवार की परंपराएं और आयोजन अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आपसी रिश्तों में अपनापन और साथ बिताए पलों की खुशी इस पर्व की असली रौनक है.
सोशल मीडिया पर छा रहीं करवा चौथ की झलकियां
मोबाइल कैमरे और सोशल मीडिया ने त्योहारों को मनाने के तरीके में एक नया आयाम जोड़ दिया है. करवा चौथ पर महिलाएं अपनी सजावट, मेहंदी, पूजा की थाली, छलनी से चांद देखने के पल और परिवार के साथ बिताए खास क्षणों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करती हैं. वीडियो और रील के माध्यम से त्योहार की तैयारियों से लेकर व्रत खोलने तक की खूबसूरत झलकियां भी बड़े पैमाने पर देखने को मिलती हैं।  करवा चौथ पर उपहार देने की परंपरा को भी अब नए और आधुनिक अंदाज में अपनाया जा रहा है।  कपड़े, आभूषण, घडय़िां, सौंदर्य उत्पाद और जीवनसाथी की व्यक्तिगत पसंद के अनुसार चुने गए विशेष उपहार इस अवसर पर दिए जाते हैं। कई दंपती व्रत के बाद बाहर डिनर या छोटी-सी सैर की योजना बनाते हैं, तो कुछ घर पर ही विशेष पकवान तैयार कर इस पावन पर्व को सेलिब्रेट करते हैं। 

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