गुलाबी ठंड का प्रकोप: एमजीएच की मेडिकल ओपीडी में मरीजों की भीड़
- मरीजों में बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित - चिकित्सक दे रहे सावधानी बरतने की सलाह
भीलवाड़ा लोकजीवन। अक्टूबर माह के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। सुबह और शाम की हल्की सर्दी यानी गुलाबी ठंड ने अब जोर पकड़ लिया है, जिसके चलते शहर में मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढऩे लगा है। लापरवाही और बदलते मौसम के इस मिजाज के कारण लोग बड़ी संख्या में सर्दी-जुकाम, बुखार और वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इसका सबसे बुरा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है, जो अस्पताल की ओर रुख करने को मजबूर हैं। शहर के सबसे बड़े महात्मा गांधी चिकित्सालय की जनरल मेडिकल ओपीडी में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
अक्टूबर माह के आंकड़ों में झलका मरीजों का दबाव
अस्पताल से प्राप्त जनरल एमओपीडी के अक्टूबर 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो हर दिन ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में उतार-चढ़ाव के साथ भारी भीड़ बनी हुई है। महीने की शुरुआत यानी 1 अक्टूबर को ओपीडी में कुल 611 मरीज पहुंचे थे, जिसमें 366 पुरुष और 245 महिलाएं शामिल थीं। इसके बाद 3 अक्टूबर को यह आंकड़ा बढक़र 714 (428 पुरुष, 286 महिलाएं) तक पहुंच गया। मौसम के तेवर तीखे होने के साथ ही 6 अक्टूबर को ओपीडी में मरीजों का कुल आंकड़ा 743 (445 पुरुष, 298 महिलाएं) दर्ज किया गया, जो इस महीने के शुरुआती हफ्तों में एक बड़ा आंकड़ा है। इसी प्रकार, 10 अक्टूबर को 564 मरीज, 13 अक्टूबर को 693 मरीज, और 16 अक्टूबर को भी 693 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। 17 अक्टूबर को ओपीडी में सबसे अधिक भीड़ दर्ज की गई, जहां कुल 723 मरीजों (433 पुरुष और 290 महिलाएं) ने चिकित्सकीय परामर्श लिया। बीच में कुछ दिनों (जैसे रविवार या अवकाश के चलते) संख्या कम जरूर हुई, जैसे 18 अक्टूबर को 201 और 19 अक्टूबर को 195 मरीज, लेकिन महीने के अंतिम सप्ताह में ठंड बढऩे के साथ ही मरीजों की संख्या फिर से बढऩे लगी है। 21 अक्टूबर को 704 मरीज, 23 अक्टूबर को 643 मरीज, और 26 अक्टूबर को ओपीडी में कुल 627 मरीज (376 पुरुष और 251 महिलाएं) पहुंचे हैं। इसके अलावा, अस्पताल के इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट (ढ्ढक्कष्ठ) में भी प्रतिदिन गंभीर स्थिति वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है, जिसमें 26 अक्टूबर को अकेले 75 मरीज भर्ती हुए।
विशेषज्ञों की सलाह: लापरवाही पड़ सकती है भारी
चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में हो रहे इस बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सुबह और रात के समय तापमान में गिरावट और दिन में हल्की गर्मी होने के कारण वायरल इन्फेक्शन, गले में खराश, खांसी, जुकाम और बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण बच्चों और बुजुर्गों को खास सतर्कता बरतने की जरूरत है।
इनका कहना है...
इस बदलते मौसम में सुबह और शाम के समय बाहर निकलते वक्त गर्म कपड़े जरूर पहनें, ठंडा पानी या ठंडी चीजों के सेवन से बचें और खानपान का विशेष ध्यान रखें। यदि जरा भी लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें ताकि बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सके।
डॉ. अरुण गौड़, चिकित्सा अधीक्षक, एमजीएच
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