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भीलवाड़ा

गुलाबी ठंड के बीच भीलवाड़ा में सर्दी पर अल नीनो का साया, फरवरी से तपिश बढऩे की आशंका

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लोकजीवन संवाददाता

26 अक्टूबर 2026, 01:06 PM 2 मिनट में पढ़ें

गुलाबी ठंड के बीच भीलवाड़ा में सर्दी पर अल नीनो का साया, फरवरी से तपिश बढऩे की आशंका

भीलवाड़ा  लोकजीवन। अक्टूबर में सुबह-शाम गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है, लेकिन इस बार सर्दी का असली इम्तिहान बाकी है। प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो के प्रभाव से वर्ष 2026-27 की सर्दियों में तापमान सामान्य से अधिक रहने और फरवरी से ही गर्मी के तेवर तीखे होने की आशंका जताई जा रही है।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन के आंकलन के अनुसार नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के दौरान अल नीनो के और मजबूत होने की संभावना है। इसका असर केवल मौसम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भीलवाड़ा सहित राजस्थान के किसानों, जल संसाधनों और रबी की फसलों की सिंचाई व्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार देश के प्रमुख जलाशयों में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले जल भंडारण में कमी दर्ज की गई है। भीलवाड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तालाब, बांध और अन्य जलस्रोत खेती के लिए बेहद अहम हैं। यदि सर्दियों में तापमान बढऩे और बारिश कम होने की स्थिति बनी, तो पानी की उपलब्धता पर दबाव बढ़ जाएगा और किसानों को सिंचाई के लिए भूजल पर अधिक निर्भर होना पड़ेगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि दिसंबर-जनवरी में तापमान सामान्य से अधिक रहा और फरवरी में गर्मी जल्दी बढ़ी, तो गेहूं, सरसों और चने जैसी रबी की फसलों की परिपक्वता तेजी से होने के कारण दाने के वजन और कुल उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। गुलाबी ठंड को देखकर फिलहाल निश्चिंत होने का समय नहीं है। भीलवाड़ा के किसानों और प्रशासन के लिए जरूरी है कि वे समय रहते जल प्रबंधन को मजबूत करें, खेतों में नमी बनाए रखने के उपाय करें और आने वाले महीनों की संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें।

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