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भीलवाड़ा

राम के अग्रि बाण से दशानन स्वाह, तेजाजी चौक में 55 फीट के रावण दहन

- राम-रावण का युद्ध बना आकर्षण का केंद्र - जय श्रीराम से गूंजा दशहरा मैदान

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लोकजीवन संवाददाता

21 अक्टूबर 2026, 01:56 PM 2 मिनट में पढ़ें

राम के अग्रि बाण से दशानन स्वाह, तेजाजी चौक में 55 फीट के रावण दहन

भीलवाड़ा लोकजीवन। असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक दशहरा पर्व मंगलवार को शहर में हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। तेजाजी चौक स्थित मुख्य मैदान में रावण दहन के साथ ही आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा। भगवान श्रीराम के अग्निबाण के साथ दशानन का 55 फीट ऊंचा पुतला महज 90 सेकंड में धू-धू कर जल उठा। इस दौरान मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। नगर निगम के तत्वावधान में आयोजित मुख्य समारोह में शहर विधायक अशोक कोठारी, महापौर जसवंत कंवर और उपमहापौर राधेश्याम सोमाणी अतिथि के रूप में मौजूद रहे। रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के 35-35 फीट ऊंचे पुतलों का भी दहन किया गया। आतिशबाजी के बीच पुतलों से उठती आग की लपटों को देखने के लिए हजारों की संख्या में शहरवासी उमड़े। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। दशहरा आयोजन में चारभुजानाथ बड़ा मंदिर से निकला बेवाण भी शामिल हुआ। चारभुजानाथ ने चांदी के सवा फीट लंबे भाले से रावण की नाभि का अमृत सोखा। इससे पहले आजाद चौक रामलीला मैदान से राम-रावण की शोभायात्रा तेजाजी चौक तक पहुंची। यहां राम-रावण युद्ध का सजीव मंचन किया गया। इसके बाद रावण दहन हुआ और तालाब की पाल पर रामलीला के राम-सीता, लक्ष्मण व हनुमान बने पात्रों की आरती उतारी गई। पूरा माहौल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। शहर में तेजाजी चौक के अलावा सांगानेर, लेबर कॉलोनी, पुर, टंकी के बालाजी और सालरा गांव में भी रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित हुए। विभिन्न स्थानों पर पुतलों के दहन के साथ आकर्षक आतिशबाजी की गई। शाम होते ही दहन स्थलों पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। दशहरा पर्व ने एक बार फिर सत्य, मर्यादा और सदाचार की राह पर चलने का संदेश दिया। रावण दहन के साथ बुराई के अंत और अच्छाई की जीत का उत्सव संपन्न हुआ।

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