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भीलवाड़ा

नागदी बांध मोड़ पर हादसों के बाद भी सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति!

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लोकजीवन संवाददाता

02 नवम्बर 2026, 03:02 PM 4 मिनट में पढ़ें

नागदी बांध मोड़ पर हादसों के बाद भी सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति!

जहाजपुर लोकजीवन न्यूज़। नागदी बांध का खूबसूरत नजारा देखने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बना यह मोड़ अब लोगों के लिए मौत का खतरा बनता जा रहा है। यहां लगातार हो रहे हादसों को लेकर दैनिक लोकजीवन ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद बांध के उस हिस्से में, जहां से अनियंत्रित वाहन सीधे पानी में जा रहे हैं, सडक़ किनारे मिट्टी के ढेर लगा दिए गए हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल मिट्टी के ढेर लगाकर जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेंगे? या फिर लोगों की जान बचाने के लिए वास्तव में ठोस सुरक्षा इंतजाम भी किए जाएंगे?

दैनिक लोकजीवन में खबर प्रकाशित होने के बाद बांध के किनारे मिट्टी के ढेर लगाए जाने की कार्रवाई सामने आई है। यह कदम अस्थायी तौर पर वाहनों के बांध में गिरने की आवाजाही को प्रभावित कर सकता है, लेकिन क्या यह तेज रफ्तार या अनियंत्रित वाहन को बांध में गिरने से रोकने के लिए पर्याप्त है? मिट्टी के ढेर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था का विकल्प नहीं हो सकते। बारिश, कटाव या वाहनों के दबाव से इनके हटने अथवा कमजोर पडऩे की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि कोई वाहन तेज गति से अनियंत्रित हो जाए, तो केवल मिट्टी का ढेर उसे रोक पाएगा या नहीं, यह बड़ा सवाल है।

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तीन हादसे, दो मौतें और 22 लोग घायल—फिर भी सबक अधूरा!

पिछले 15 दिनों में नागदी बांध मोड़ पर तीन हादसे हो चुके हैं। इन दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान चली गई, जबकि 22 लोग घायल हुए। हादसों के ये आंकड़े किसी भी जिम्मेदार व्यवस्था को झकझोरने के लिए काफी हैं। इसके बावजूद अब तक ऐसे स्थायी सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आ रहे, जो अनियंत्रित वाहनों को बांध के पानी में जाने से रोक सकें। हालिया हादसे में कार के बांध के पानी में गिरने और एक युवक की मौत की घटना ने एक बार फिर इस मोड़ की खतरनाक स्थिति को उजागर किया। इससे पहले भी यहां दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार हो रहे हादसे बता रहे हैं कि समस्या केवल वाहन चालकों की लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि सडक़ की बनावट, मोड़ की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों की भी गंभीरता से समीक्षा जरूरी है।

आखिर जिम्मेदार विभाग को किस हादसे का इंतजार?

नागदी बांध मोड़ पर हो रही दुर्घटनाओं के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग स्थायी सुरक्षा इंतजाम कब करेगा? क्या किसी और परिवार के घर मातम छाने के बाद ही चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, मजबूत क्रैश बैरियर और अन्य जरूरी सुरक्षा उपाय लगाए जाएंगे? इस मोड़ पर पर्याप्त दूरी से दिखाई देने वाले चेतावनी बोर्ड, रात में स्पष्ट नजर आने वाले रिफ्लेक्टर, गति नियंत्रित करने के उपाय और सडक़ के खतरनाक हिस्से पर मजबूत क्रैश बैरियर लगाए जाने की जरूरत है। साथ ही सडक़ की बनावट और मोड़ की तकनीकी स्थिति का निरीक्षण कर विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

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खूबसूरती के साथ सुरक्षा भी जरूरी

नागदी बांध का प्राकृतिक सौंदर्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। लेकिन यही खूबसूरती तब भयावह रूप ले लेती है, जब यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। बांध के आसपास घूमने आने वाले लोगों और इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।

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